कलेक्टर को लेकर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- कलेक्टर को नियमों की जानकारी नहीं, बिना सोचे-समझे आदेश पारित कर देती हैं

शाजापुर।  मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर को हाईकोर्ट ने एक बार फिर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को फटकार लगाने के साथ ही सख्त टिप्पणी भी की है। हाईकोर्ट ने कहा है- कलेक्टर को नियमों की जानकारी नहीं है और वो बिना सोचे-समझे आदेश पारित कर देती हैं। मामला एक नाजिर की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश से जुड़ा है। बता दें कि ये तीसरी बार है जब हाईकोर्ट ने शाजापुर कलेक्टर को फटकार लगाई है।

शाजापुर कलेक्टर को हाईकोर्ट की फटकार

शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश जयकुमार पिल्लई ने कड़ी फटकार लगाई है। मामला शाजापुर कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी जयंत बघेरवाल की दो वेतनवृद्धि रोकने के साथ ही उसे गुलाना अटैच किए जाने से जुड़ा है। कर्मचारी ने कलेक्टर के इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। न्यायाधीश जयकुमार पिल्लई ने सुनवाई करते हुए कलेक्टर ऋजु बाफना को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि कलेक्टर कुछ भी आदेश पारित कर देती हैं, जैसा कि आबकारी अधिकारी के मामले में भी किया गया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि कलेक्टर को कानून की जानकारी नहीं है।

15 दिन में हलफनामा देने का आदेश

हाईकोर्ट ने कलेक्टर ऋजु बाफना को 15 दिन के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया है। इस हलफनामे में कलेक्टर ऋजु बाफना को स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने किन नियमों के तहत बिना जांच के दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए। स्थगन आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट लिखा है कि कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है और बिना किसी विभागीय जांच के वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी कर दिए।

इन दो मामलों में पहले लग चुकी है फटकार

इससे पहले 30 जून 2024 को हाईकोर्ट ने शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना के खिलाफ कंटेप्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई की थी। ये मामला हाट मैदान स्थित भूमि को लेकर था जिसमें हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कलेक्टर व सीएमओ नगरपालिका ने निजी भूमि पर लगने वाले हाट बाजार को नहीं हटाया था। वहीं इसके बाद 16 मार्च 2026 को हाईकोर्ट ने आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के निलंबन को गलत ठहराते हुए उन्हें फिर से बहाल किया था और तब भी शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को फटकार लगाई थी।