नर्मदा में बड़ा हादसा टला: 16 यात्री और 5 बाइक समेत नाव पलटी, 4 युवकों ने बचाई जान
मध्यप्रदेश की पवित्र नर्मदा नदी के रमपुरा घाट पर सोमवार की शाम एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने सभी को दहला दिया। एक नाव, जिसमें लोग अपने रोजमर्रा के सफर पर थे, अचानक मौत के मुहाने पर पहुंच गई। रमपुरा से रिछावर घाट की ओर जा रही यह नाव अचानक अनियंत्रित हुई और देखते ही देखते नदी में पलट गई। नाव में सवार 16 यात्री और 5 मोटरसाइकिलें कुछ ही सेकंड में पानी में समा गईं। लेकिन इसी बीच चार युवकों की बहादुरी ने इस हादसे को एक चमत्कार में बदल दिया।
कैसे हुआ नर्मदा नदी में नाव हादसा
यह घटना देवरी थाना क्षेत्र के रमपुरा घाट की है। जानकारी के मुताबिक नाव में तय क्षमता से ज्यादा लोग और वाहन सवार थे। नर्मदा नदी में नाव हादसा तब हुआ, जब नाव धीरे-धीरे संतुलन खोने लगी और उसमें पानी भरने लगा। यात्रियों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही नाव पलट गई। जैसे ही नाव पलटी, वहां अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और पुरुष सभी नदी में गिर गए और हर तरफ चीख-पुकार गूंजने लगी।
चार युवकों की बहादुरी ने बचाई 16 जिंदगियां
जब हादसा हुआ, तब वहां मौजूद चार स्थानीय युवक बिना एक पल गंवाए नदी में कूद पड़े। गंगाराम लोधी, डोमल लोधी, संदीप लोधी और सीरविंद लोधी ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक-एक कर सभी यात्रियों को बाहर निकाला। तेज बहाव के बीच यह काम आसान नहीं था, लेकिन इन युवकों ने हिम्मत और समझदारी से सभी को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। अगर ये चारों युवक समय पर कदम न उठाते, तो यह हादसा बहुत बड़ा बन सकता था।
नाव में लदी 5 बाइक डूबीं, सर्चिंग जारी
हादसे में जहां सभी यात्रियों की जान बच गई, वहीं नाव में रखी 5 मोटरसाइकिलें नदी में डूब गईं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से अब तक 3 बाइक को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि बाकी 2 की तलाश जारी है। नर्मदा नदी में नाव हादसा अब एक चेतावनी भी बन गया है कि ओवरलोडिंग कितनी खतरनाक हो सकती है।
प्रशासन की कार्रवाई और सम्मान की घोषणा
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंच गया। देवरी तहसीलदार और थाना प्रभारी ने मौके का निरीक्षण किया और पूरी जानकारी जुटाई। साथ ही प्रशासन ने चारों युवकों की बहादुरी को देखते हुए उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की है।


अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट पर 1,000 किलोग्राम बम से हमला किया
बंगाल में कांग्रेस ने खेला मुस्लिम-दलित कार्ड, क्या BJP को होगा नुकसान या Mamata Banerjee को?
‘हिडमा’ के नारों पर सियासत तेज, राहुल गांधी के ट्वीट पर घमासान
‘जुल्म उतना ही करो, जितना सह सको’: अरविंद केजरीवाल ने दिए व्यंग्यपूर्ण निर्देश, किसे बनाया निशाना?
युवाओं के लिए चेतावनी: चक्कर को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी