✍️ सिटी टुडे के लिए 
बालेंद्र अग्निहोत्री

रीवा।  रीवा वन स्टॉप सेंटर की अकड़ व लापरवाही आई सामने, वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी ने बालिका को रात मे सेंटर मे रखने से कर दिया था मना...? खबर रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र से है, जहाँ दिनांक 3/5/2026 को एक गुम सुदा 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची जो थाना बैकुंठपुर क्षेत्र के एक गांव मे घूमते हुए मिली, गांव वालों ने देखा कि एक बालिका जो अकेले घूम रही है, बच्ची से उसका नाम पता पूछा, पर वह अपना नाम पता नहीं बता पाई, तब गांव के लोग उस बालिका को लेकर थाना बैकुंठपुर पहुंचे, जहाँ पुलिस को सूपुर्द कर दिया,
जिसके बाद बैकुंठपुर थाना प्रभारी निरीक्षक श्रृंगेश सिंह ने बालिका से पूछताछ की, लेकिन वह अपना नाम पता नहीं बता पाई, जिसक़े बाद थाना प्रभारी ने पत्र बनाकर पुलिस स्टॉफ हेड का. वीरेंद्र तिवारी, महिला आरक्षक साइन बानो, एवं आरक्षक आशुतोष के साथ बच्ची को वन स्टॉप सेंटर रीवा भेजा गया,

वन स्टॉप सेंटर रीवा की अकड़ एवं लापरवाही आई सामने...

जानकारी के अनुसार जब बैकुंठपुर पुलिस बालिका को लेकर वन स्टाप सेंटर पहुंची, तो वन स्टॉप सेंटर रीवा में पदस्थ महिला अधिकारी श्रुति मिश्रा जो पुलिस कर्मचारियों से ठीक से बात तक नहीं की और बालिका को पागल घोषित करते हुए रखने से स्पष्ट मना कर दिया, चूंकि रात का वक़्त था, पुलिस बार बार यह कहती रही कि बालिका को रख लीजिये उसके परिजनों को तलाश करके बाद मे इसे यहां से ले जाएंगे, लेकिन वन स्टाप सेंटर के कर्मचारियों का दिल नहीं पसीजा और पुलिस एवं बालिका को वापस लौटना पड़ा, जबकि..यह नियम मे है कि किसी भी गुमशुदा महिला या नाबालिग बच्ची को वन स्टॉप सेंटर में रखने हेतु ही व्यवस्थित किया गया है, लेकिन महिला अधिकारी श्रुति मिश्रा जो पुलिस स्टाफ से बदतमीजी से बात करते हुए वन स्टॉप सेंटर का गेट तक नहीं खोला और गुम सुदा बच्ची को पागल घोषित करते हुए वहाँ रखने से मना कर दिया..? जो बड़ा गंभीर शवाल खड़ा करता है कि आखिर बिना जांच पड़ताल एवं मेडिकल रिपोर्ट के वन स्टाप सेंटर के कर्मचारी कैसे किसी को पागल बता देते है, क्या यही जिम्मेदारी दी गई है...
बैकुंठपुर थाना पुलिस ने रात भर कड़ी मेहनत कर आखिर परिजनों को ढूंढ़ निकाला, मिलवाया बच्ची कोवन स्टाप सेंटर के कृत्य से परेशान बैकुंठपुर पुलिस जो बालिका को लेकर रात भर रीवा मे बच्ची के परिजनों को तलाशती रही, खुद बैकुंठपुर थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह, HC वीरेंद्र तिवारी, महिला आरक्षक साइन बानो एवं आरक्षक आशुतोष मिश्रा जो पूरी रात बच्ची के परिजनों कि तलाश किए, और  बच्ची के परिजनो को ढूंढ़ ही निकाला, जिसके बाद बच्ची को उसके माता पिता को सूपुर्द किया गया, वही बच्ची के परिजनों ने पुलिस को बताया कि... मेरी बच्ची पागल या मानसिक रोगी नहीं है, अब बड़ा शवाल वन स्टॉप सेंटर रीवा पर उठ रहा कि महिला अधिकारी श्रुति मिश्रा ने बालिका को कैसे पागल घोषित कर दिया..? उनका यह कृत्य जो घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है,  ऐसी महिला अधिकारी को वन स्टॉप सेंटर में रहने का तो कोई शवाल ही नहीं, जो सही तरीके से कर्तव्य का निर्वहन न कर पाये, 

बैकुंठपुर थाना पुलिस कि रही सराहनीय भूमिका..

आपको बता दें कि बैकुंठपुर पुलिस ने बच्ची को लेकर पूरी रात सर्चिंग अभियान चलाकर आखिर कार बच्ची के माता पिता को तलाश कर उसे मिलवा ही दिया, इस कार्य में बैकुंठपुर थाना Ti श्रृंगेश सिंह राजपूत, HC वीरेंद्र तिवारी, महिला आरक्षक साइन बानो, एवं आरक्षक आशुतोष मिश्रा का बहुत ही सराहनीय भूमिका रही।