कोटा। पंकज शर्मा के उत्तर-पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) के महाप्रबंधक (जीएम) बनने का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचा गया है।
गंगापुर के सामाजिक कार्यकर्ता नरेश दुबे ने पीएमओ पीजी पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री को गई शिकायत में बताया कि कोटा मंडल में और एनडब्ल्यूआर में करोड़ों रुपए का एलम (फिटकरी) परिवहन घोटाला सामने आया था। व्यापारियों ने मिली भगत कर एलम पाउडर के नाम पर दर्जनों मालगाड़ियों से सेलम खड़िया और स्टोन का चुरा भेज दिया।एलम पाउडर की रेट स्टोन चुरा से कम होने से रेलवे को करीब 30 करोड रुपए का चूना लगा।  2 साल बाद सीबीआई ने मामला दर्ज किया। लेकिन अब भी  सीबीआई द्वारा किसी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं  आ सकी है 

रेलवे की जांच का भी पता नहीं 

दुबे ने बताया कि मामला सामने आने के समय भी प्रधानमंत्री को शिकायत की गई थी। इसके बाद कोटा मंडल रेल प्रशासन द्वारा दिए गए जवाब में मामले की जांच की बात कही थी। लेकिन मामले के करीब साढ़े साल बाद भी कोटा मंडल रेल प्रशासन ने इस जांच का खुलासा नहीं किया है।

पहले एसडीएम अब जीएम
 

दुबे ने बताया कि मामले में खास बात यह है कि कोटा मंडल में घोटाला सामने आया तो जांच पूरी होने से पहले ही पंकज को पश्चिम-मध्य रेलवे का उप मुख्य महाप्रबंधक और मुख्य सतर्कता अधिकारी बना दिया। यानी कि एक तरह से रेलवे ने पंकज को अपनी जांच खुद ही करने का मौका दिया था। कोटा मंडल के साथ यह घोटाला एनडब्ल्यूआर में भी आया था। अब रेलवे ने पंकज को एनडब्ल्यूआर का जीएम बना दिया।  दुबे ने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों केखिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि एलम पाउडर घोटाले की जांच पश्चिम-मध्य रेलवे सतर्कता विभाग में भी की थी। इस जांच का भी आज तक कुछ पता नहीं चला है। कोटा मंडल के साथ सीबीआई ने एनडब्ल्यूआर में हुए एलम पाउडर घोटाले मामले में भी एफआईआर दर्ज की थी।