मध्य प्रदेश कृषि विपणन मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम की विवादित तथा पक्षपात पूर्ण कार्रवाई गंभीर शिकायतों के बाद भी बेखौफ  जारी है। परंतु शासन के उच्च अधिकारी क्यों मौन  है। 

सिटी टुडे को प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान में कृषि विपणन मंडी बोर्ड के सचिव आर के साकेत ने देवास कृषि विपणन मंडी बोर्ड के सचिव के कार्यकाल के दौरान अयूब मकरानी सहायक उप निरीक्षक मंडी देवास को कुटरचित आदेश को अंजाम देकर स्वयं की हस्ताक्षर से देवास से जोबट जिला अलीराजपुर कुटरचित  स्थानांतरण आदेश 14 अगस्त 2024 को जारी करते हुए अयूब मकरानी को भार मुक्त भी कर दिया बोर्ड मुख्यालय के अनुसार यह आदेश बोर्ड मुख्यालय द्वारा नहीं जारी किया गया और ना ही इसका अनुमोदन लिया गया प्रथम दृष्टि से बोर्ड मुख्यालय ने इसे कूट रचित मानकर आर के साकेत के विरुद्ध जांच शुरू करते हुए शयोपुर जैसी महत्वपूर्ण कृषि उपज मंडी का प्रभारी सचिव बना दिया बताया जाता है कि यहां रहते हुए भी आर साकेत ने कई कूट रचित आदेश जारी किए  हैं जिनकी जानकारी शासन तथा जनहित में हम प्रमाण सहित प्रकाशित करेंगे।

बोर्ड मुख्यालय के आदेश पर आंचलिक कार्यालय इंदौर के संयुक्त संचालक द्वारा आर साकेत के इस गंभीर प्रकरण की जांच कर प्रतिवेदन में 18 जून 2026 को आर के साकेत के तर्क वितर्क पक्ष सुनने के बाद साकेत को इस प्रकरण में बड़े नाटकीय ढंग से बचाने का प्रयास कर मूल आदेश के साथ छेड़खाड़ करते हुए आदेश में पाया प्रतिलिपि में जारी करता के हस्ताक्षर न होने के बाद भी बिना परीक्षण किया साकेत ने उसे कर्मचारियों के कूट रचित आदेश को मन करते हुए भार मुक्त करने के आदेश जारी किए हैं।

सिटी टुडे को प्राप्त जानकारी अनुसार इस गंभीर आपराधिक  प्रकरण को पुलिस को ना सौंपते हुए स्वयं ही रक्षक बनकर भक्षक को भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी देकर आदेश क्रमांक 2165 दिनांक 10 जुलाई 2026 को जारी करते हुए जल्दी ही साकेत को शिवपुरी से उसकी मनचाही पदस्थापना भोपाल क्षेत्र के आसपास करने का आश्वासन भी दिया जा चुका है।