संसद में हंगामे नहीं, रचनात्मक मुद्दे उठाए विपक्ष: संजय झा
नई दिल्ली। जनता दल-यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता संजय झा ने संसद में विपक्ष के रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्षी दलों को सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देने में सहयोग करना चाहिए और रचनात्मक मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहिए। मानसून सत्र के पहले दिन हुई बातचीत में उन्होंने जोर दिया कि सांसदों का मुख्य दायित्व अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं को सदन के पटल पर रखना है। श्री झा ने वर्तमान सरकार की आर्थिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी कीमतों को नियंत्रण में रखना सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।
संसद में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका
संजय झा ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी संसद के भीतर सार्थक चर्चा सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र के दौरान सभी सांसद अपने क्षेत्रों के विकास से जुड़े जनहित के विषयों पर सकारात्मक बहस करेंगे ताकि संसदीय कार्यवाही का लाभ आम जनता तक पहुँच सके।
स्टार्टअप्स के क्षेत्र में भारत की नई उड़ान
वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस वक्तव्य का उल्लेख किया जिसमें देश के युवाओं द्वारा अंतरिक्ष और तकनीक जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के माध्यम से नए कीर्तिमान स्थापित करने की प्रशंसा की गई है।
युवाओं की उपलब्धियों से प्रगति के नए मानक
श्री बघेल ने कहा कि भारत के प्रगतिशील युवाओं ने अपनी उद्यमशीलता से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को दिए जा रहे प्रोत्साहन से आने वाले समय में भारत न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि दुनिया भर में नवाचार के केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती से उभरेगा।


राशिफल 22 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
किसान अब उन्नत तकनीक की ओर अग्रसर, पैडी ट्रांसप्लांटर विधि से धान रोपाई
मध्यप्रदेश पुलिस का नशे के विरुद्ध सख्त प्रहार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत
अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव