सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, महंगा कच्चा तेल बना निवेशकों की चिंता
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को शुरुआती कारोबार के दौरान सीमित दायरे में सुस्ती देखने को मिली। सुबह 9:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 5.19 अंक फिसलकर 76,952.08 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 15.36 अंक टूटकर 24,065.05 पर कारोबार करता दिखा। दूसरी तरफ, मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचे और विदेशी पूंजी प्रवाह के चलते भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे की बढ़त के साथ 94.96 के स्तर पर पहुंच गया।
निफ्टी के लिए अहम तकनीकी स्तर
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) यानी 24,190 का स्तर पार करना बेहद जरूरी है। यदि सूचकांक इस स्तर से ऊपर टिका रहता है, तो यह आगे चलकर 24,300 से 24,350 के दायरे तक चढ़ सकता है। इसके विपरीत, यदि बिकवाली हावी होती है और निफ्टी 24,076 के अहम सपोर्ट स्तर को तोड़ता है, तो निकट भविष्य में बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
एशियाई और वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले संकेत भी सुस्त रहे:
-
जापान: निक्केई 225 फ्यूचर्स में 0.4 फीसदी की नरमी रही, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स 0.5 फीसदी की बढ़त बनाने में सफल रहा।
-
चीन व हॉन्गकॉन्ग: हैंग सेंग में 1.1 फीसदी और शंघाई कंपोजिट में 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
-
अन्य बाजार: ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.3 फीसदी और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे थे, वहीं अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स लगभग सपाट नजर आया।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
बाजार में निवेशकों की सतर्कता की मुख्य वजह ब्रेंट क्रूड का लगातार 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहना है। कच्चे तेल के ऊंचे दाम कंपनियों की इनपुट लागत और मुनाफे पर सीधा असर डालते हैं। ऊर्जा लागत बढ़ने से मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं पर ब्रेक लग सकता है।


PM मोदी और जर्मन चांसलर के बीच अहम वार्ता, व्यापार से टेक्नोलॉजी तक सहयोग पर जोर
बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक MP में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम