ऊटी में ओस जमी, मप्र में शीतलहर
नई दिल्ली । हिमालय की 4000 मीटर ऊंची चोटियों पर हुई ताजा बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में नजर आने लगा है। बर्फबारी के बाद पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा सीधे मैदानों में पहुंच रही है। इसे रोकने वाला कोई सिस्टम नहीं होने से ठंड और शीतलहर बढ़ गई है।
राजस्थान के 12, मध्य प्रदेश के 10, छत्तीसगढ़ के 1, हरियाणा के 1 और हिमाचल के 8 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। मध्य प्रदेश के भोपाल, राजगढ़, इंदौर जैसे शहर गुलमर्ग, श्रीनगर जैसे पहाड़ी इलाकों के साथ देश के टॉप 12 ठंडे शहरों में शामिल हो गए। इधर, दक्षिण में लौटते मानसून की बारिश के बीच ऊटी में ठंड का असर नजर आने लगा है। हिल स्टेशन ऊटी में कारों की विंड स्क्रीन, गाडिय़ों और पेड़-पौधों पर पड़ी ओस की बूंदें जम गईं।
मध्य प्रदेश 2 दिन कोल्ड वेव
बर्फीली हवा से पूरा मध्यप्रदेश ठिठुर गया है और नवंबर में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ रही है। बर्फबारी के बाद पहाड़ों से सीधी बर्फीली हवा मप्र पहुंच रही है। इसे रोकने वाला कोई सिस्टम नहीं होने से ठंड बढ़ गई है। कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां रात का तापमान करीब 7 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल, राजगढ़, इंदौर और शाजापुर में तेज शीत लहर चली।
पेंड्रा में 9 डिग्री पहुंचा पारा
छत्तीसगढ़ के पेंड्रा और अमरकंटक क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस सीजन पहली बार पेंड्रा का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों में प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) के एक-दो स्थानों पर शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है।


बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक MP में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम
सागर शराब तांडव की जांच में प्रमाणित हो रहा है की आबकारी विभाग तथा अवैध जहरीलीशराब बेचने वाले अपराधी तथा लाइसेंस धारी हमजोली थे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की कठोरता से आबकारी आयुक्त सहित लिप्त अधिकारियों में बेचैनी। जब पुलिस 6 महीने से कार्रवाई कर रही थी तब आबकारी विभाग का नेटवर्क कहां था ?