ग्वालियर।  अगर आप झाँसी, उरई, कानपुर, ग्वालियर, बीना, भोपाल या इटारसी रूट पर ट्रेन से सफर करते हैं, तो आपने भी अपनी सीट पर 'तड़का रेस्टोरेंट' के पम्प्लेट ज़रूर देखे होंगे। ये लोग अक्सर ट्रेन में हर सीट पर अपने मेन्यू कार्ड छोड़ जाते हैं और चलती ट्रेन में खाना पहुँचाने का दावा करते हैं। ​कल तक मैंने कभी इनसे खाना नहीं मंगाया था, लेकिन आज स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से इटारसी से मथुरा जाते हुए दोपहर करीब 12 बजे झाँसी के पास मैंने सोचा कि चलो आज ट्राई करते हैं। ​इनके पास तीन तरह की थाली थी - मिनी (₹110), स्पेशल (₹130) और महाराजा (₹150)। मैंने ₹130 वाली 'स्पेशल थाली' ऑर्डर कर दी। झाँसी स्टेशन पर डिलीवरी तो आ गई, लेकिन जब मैंने खाने के लिए थाली खोली... तो वह पूरी तरह से पैसों की बर्बादी और यात्रियों के साथ धोखा था! 

​यहाँ देखिए इनकी 'स्पेशल' थाली की असलियत:

​👉 बासी रोटी का धोखा: पम्प्लेट में '4 बटर रोटी' लिखा था, लेकिन मिली बिना घी की 4 सूखी रोटियाँ। हद तो तब हो गई जब मैंने रोटी हाथ में ली—पहली ही रोटी इतनी बासी थी कि हाथ में लेते ही चूरा हो गई। चार में से दो रोटियों का यही हाल था।

👉 सब्ज़ी का 'स्पेशल' जुगाड़: थाली में दो सब्ज़ियाँ थीं—आलू मटर और शाही पनीर। मज़े की बात यह है कि दोनों की ग्रेवी बिल्कुल एक ही थी! उसी ग्रेवी में पनीर के 4 टुकड़े डाल दिए तो वो 'शाही पनीर' बन गया, और 2 टुकड़े आलू व 8 दाने मटर के डाल दिए तो वो 'आलू मटर' हो गया।

👉 दाल-चावल का गणित: चावल ठीक थे, लेकिन उसके लिए दाल इतनी कम दी गई थी कि आप आधे चावल भी नहीं खा सकते। मुझे मजबूरी में आधे चावल रायते के साथ खाने पड़े।

👉 मीठा: हाँ, अंत में आगरे के पेठे का एक टुकड़ा ज़रूर था। शायद इतना बकवास खाना खिलाने के बाद मुंह मीठा करवाकर 'तड़का रेस्टोरेंट' वाले अपने पाप धोना चाहते हैं! ​सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि जब मैंने उन्हें उनके व्हाट्सऐप नंबर पर मैसेज करके इस खराब खाने की शिकायत की, तो उन्होंने मेरी बात सुनने या माफ़ी मांगने के बजाय मुझे सीधा ब्लॉक कर दिया! इससे साफ़ पता चलता है कि उन्हें यात्रियों की संतुष्टि से कोई मतलब नहीं है, बस लूट मचानी है। ​मैंने बचा हुआ खाना धरती माता को सुपुर्द कर दिया। मेरा इस पोस्ट को लिखने का मकसद बस इतना है कि इस रूट पर यात्रा करने वाले सभी लोग सावधान हो जाएँ। ट्रेन में मिलने वाले इन लुभावने पम्प्लेटों के झांसे में न आएं और भूलकर भी 'तड़का रेस्टोरेंट' से भोजन न मंगाएं। अपना पैसा, अपना स्वास्थ्य और अपने सफर का मज़ा खराब होने से बचाएं। ​इसे अपने दोस्तों और परिजनों के साथ शेयर करें ताकि बाकी यात्री भी इस धोखे और ऐसी बदतमीज़ी से बच सकें।