मुंबई। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और बिकवाली का माहौल देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बैंकिंग शेयरों में आई गिरावट के चलते घरेलू बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।


बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट, रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर

घरेलू शेयर बाजार पर चौतरफा दबाव दिख रहा है। पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी संघर्ष और विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी निकालने (FII Outflow) के चलते बाजार का मनोबल टूटा है।

प्रमुख सूचकांकों का ताजा हाल

शुरुआती सत्र में बाजार की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:

  • बीएसई सेंसेक्स: लगभग 353.50 अंक टूटकर 77,491.02 के स्तर पर आ गया।

  • एनएसई निफ्टी: 109.25 अंक की गिरावट के साथ 24,225.20 पर पहुंच गया।

  • मुद्रा बाजार: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 36 पैसे कमजोर होकर 94.58 के स्तर पर पहुंच गया है।

इन कारणों ने बिगाड़ा बाजार का मूड

  1. भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुई सैन्य हलचल ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशकों को डर है कि यह टकराव वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

  2. कच्चे तेल में उछाल: ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1.19% बढ़कर 101.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं, जो भारत जैसे आयात निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है।

  3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली: एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 340.89 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिक्री की।


दिग्गज शेयरों की स्थिति

बाजार में गिरावट का नेतृत्व प्रमुख बैंकिंग और ऑटोमोबाइल शेयरों ने किया:

  • दबाव वाले शेयर: महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील के शेयरों में गिरावट देखी गई।

  • बढ़त वाले शेयर: भारी बिकवाली के बावजूद एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स और एचसीएल टेक जैसे शेयरों में मामूली खरीदारी देखी गई।


वैश्विक बाजारों का संकेत

केवल भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मंदी का साया है। अमेरिकी बाजारों के गिरावट के साथ बंद होने के बाद एशियाई बाजारों (जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और शंघाई कंपोजिट) में भी कमजोरी बनी हुई है।