पुरुषों के साथ रात बिताने वाली महिला का बयान सुर्खियों में
ब्रिस्बेन। ऑस्ट्रेलिया की महिला लिलिथ लॉज शादीशुदा पुरुषों के साथ रात बिताने और रोमांस करने के बदले पैसे कमाती हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोर ली हैं। लिलिथ ने स्पष्ट कहा कि उन्हें इस बात से कोई डर या चिंता नहीं कि उनके क्लाइंट्स की पत्नियां उनके पेशे के बारे में जान जाएंगी। उनका कहना है कि वह कोई गलत काम नहीं कर रही हैं, बल्कि एक सेवा दे रही हैं। लिलिथ के अनुसार, असली जिम्मेदार वे पुरुष हैं, जो उनकी सेवाएं लेने आते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर फॉलोअर के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि तीन साल से यह काम कर रही हैं और अब तक किसी भी क्लाइंट की पत्नी ने उनसे संपर्क नहीं किया। लिलिथ ने कहा, “हो सकता है एक दिन ऐसा हो, लेकिन मैं इससे डरती नहीं हूं।
आखिर वह मेरे साथ क्या कर सकती हैं? गाली-भरे मैसेज भेज सकती हैं, और वह भी रोजाना आते रहते हैं।” उनका मानना है कि महिलाओं का गुस्सा गलत जगह पर है और उन्हें असली कसूरवार पुरुषों पर नाराज होना चाहिए, जो उनकी वेबसाइट पर आकर सेवाएं लेते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी पत्नी के प्रति वह जिम्मेदार नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने किसी से कोई वचन नहीं लिया। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और यूजर्स दो भागों में बंट गए।
कुछ लोग लिलिथ के तर्क से सहमत दिखे। एक यूजर ने लिखा, “100 प्रतिशत सच है!”, जबकि दूसरे ने कहा, “हां, बिल्कुल सही।” वहीं, कई लोग उनकी आलोचना करते हुए बोले कि यह नैतिक रूप से सही नहीं है। एक यूजर ने लिखा, “मैं किसी शादीशुदा आदमी के साथ ऐसा कभी नहीं कर सकती थी।” वहीं, एक अन्य ने कहा, “यह शर्म की बात है कि महिलाओं को आज भी ऐसा करना पड़ता है।”लिलिथ लॉज का यह बयान समाज में शादी, नैतिकता और व्यक्तिगत पसंद के बीच चल रहे विवादों को फिर से उभार रहा है।


बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक MP में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम
सागर शराब तांडव की जांच में प्रमाणित हो रहा है की आबकारी विभाग तथा अवैध जहरीलीशराब बेचने वाले अपराधी तथा लाइसेंस धारी हमजोली थे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की कठोरता से आबकारी आयुक्त सहित लिप्त अधिकारियों में बेचैनी। जब पुलिस 6 महीने से कार्रवाई कर रही थी तब आबकारी विभाग का नेटवर्क कहां था ?